Friday, 12 April 2013

Tu Naa Jaane Kaun Hai Tu..




तू जाने न की कौन है तू ,
फूलों के गुलिस्तान का सरताज है तू ,
होंगे गुलशन में गुल हज़ार ,
इन गुलों का गुलाब है तू ,

          तू जाने न की कौन है तू ,
          संगीत जैसी आवाज़ का सुर-ताल है तू ,
          होती है जब अमावस की रात तब ,
          ऊंगते हुए सितारों का एहसास है तू ।। 

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