Poems of yours. Poems of mine. Poems of all. Meant for sharing. To speak your heart out! :)
Friday, 12 April 2013
Tu Naa Jaane Kaun Hai Tu..
तू जाने न की कौन है तू , फूलों के गुलिस्तान का सरताज है तू , होंगे गुलशन में गुल हज़ार , इन गुलों का गुलाब है तू , तू जाने न की कौन है तू , संगीत जैसी आवाज़ का सुर-ताल है तू , होती है जब अमावस की रात तब , ऊंगते हुए सितारों का एहसास है तू ।।
No comments:
Post a Comment