Saturday, 20 April 2013


  

              यह देश मेरा ना रहा (नारी को समर्पित)               

   Dard Shayari


                       

इंसान इंसान का ना रहा,

देश अपने वासियों का ना रहा,

और.....सरकार जनता की ना रही,

ऐ! माँ तुझे सलाम करता हूँ,

और.... इस सरकार का बहिष्कार करता हूँ ।।  

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