हमें याद कर लेना
नैनों में बसे हो ज़रा ध्यान रखना ,अपना रिश्ता यूं ही आबाद रखना ,
मुझे तो आदत है याद करने की ,
हिचकियां आती रहे तो माफ करना ,
भूल सकते हैं एक पल सांस लेना ,
जी सकते हैं दिल की धड़कन के बिना ,
पर ये गुस्ताखी नहीं कर सकते की ,
हम जिये और ज़िंदगी काटें आपकी यादों के बिना ,
क्या पता क्यों आदत है उनकी याद आने की ,
इन आँखों को उनकी झलक पाने की ,
हमारी तो तमन्ना है उनको पाने की ,
पर उनको आदत है हमें तड़पाने की ,
कभी गमों से तुम्हारी मुलाकात ना हो ,
उदास बैठो हो ऐसी कोई बात ना हो ,
शिकायत हो तो हमें माफ कर देना ,
और फुर्सत से बैठो हो तो हमें याद कर लेना ।।
--- दीपांशु एंड राहुल
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