पकर तुम्हे सपने सच लगने लगे,
अजनबी से जो थे कभी आज अपने लगने लगे,
आता नहीं यकीन अपनी किस्मत पर,
धड़कने होते भी वो जान लगने लगे ,
तरस गए आपके दीदार को ,
फिर भी दिल आप ही को याद करता है,
हमसे खुशनसीब तो आपका आईना है ,
जो हर रोज़ आपके हुस्न को दीदार करता है ,
साजा कर अपनी ही आँख हज़ार चेहरों पर ,
किया है मैंने सदा एतबार चेहरों पर ,
मैं तेरी बज़्म मैं किस-किस से दुश्मनी लेता,
लिखा था तेरा नाम बे-शुमार चेहरों पर....।।
Courtesy --- Rahul
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